गोरखपुर, आवास विकास परिषद के अधिशासी अभियंता जेके कौशल ने अपने अवर अभियंता रजनीश श्रीवास्तव के साथ नगर विधायक डा. राधा मोहन दास अग्रवाल के निवास पर उनसे मुलाकात की और ठेकेदारों द्वारा कराये जा रहे घटिया निर्माण के खेद प्रकट करते हुए कहा कि सारा अधोमानक निर्माण गिराने के लिये उन्होंने आज ही आदेश जारी कर दिया है और सबकुछ ध्वस्त करके नये सिरे से निर्माण कराया जायेगा।
विधायक के निरीक्षण में खुली थी निर्माण कार्य की पोल
मालूम हो कि नगर विधायक परसों विकासनगर विस्तार आवास विकास कालोनी में गये थे। वहां आवास विकास परिषद ने अवस्थापना निधि के 3.97 करोड़ की लागत से 16 पार्कों, 1.5 किमी सड़क तथा दोनों ओर की नालियों का निर्माण शुरू करा दिया था। निर्माण निहायत ही घटिया स्तर का था। सारी ईटें थर्ड ग्रेड की थी, मोरंग बालू की जगह महीन बालू लगाया जा रहा था और 1:6 के मसाले की जगह 1:16 का मसाला मौके पर मिला और दीवार की नींव तक नहीं डाली गई थी। ठेकेदार गोरखपुर के एक विधायक के नाम से धौंस देकर काम करा रहा था।
नगर विधायक ने दी थी एफआइआर की चेतावनी
नगर विधायक बहुत ही आक्रोशित हुए थे और विभाग को तीन दिन का समय देकर साफ चेतावनी दी थी कि अगर तीन दिन के अंदर सारा निर्माण ध्वस्त नहीं किया गया तो वे किसी को छोड़ेंगे नही और एफआइआर दर्ज कराकर जेल भिजवाया जायेगा। इसके बाद मंगलवार को आवास विकास परिषद के अधिशासी अभियंता ने नगर विधायक से स्वीकार किया कि निर्माण कार्य घटिया है। वे इसे ध्वस्त कराने का लिखित आदेश दे रहे हैं। सबकुछ ध्वस्त कराकर नये सिरे से गुणवत्ता युक्त निर्माण कराया जाएगा।
नागरिकों की देखरेख में ही होगा निर्माण
नगर विधायक ने अवर अभियंता को खूब जमकर फटकार लगाई। कहा कि अवर अभियंता अपनी उपस्थिति में घटिया निर्माण करा रहा था। सारा ध्वस्तीकरण कराकर उन्हें बुलाया जाये। वे नागरिक सम्मेलन करके नागरिकों को सभी कार्यों के मानक और गुणवत्ता के बारे में बतायेंगे और अब नागरिकों की देखरेख में ही निर्माण होगा।