विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक प्रेमसागर पटेल के खिलाफ कोर्ट ने गैर जामनती वारंट जारी किया है। आरोप है कि उनके द्वारा वर्ष 2012 में हुए विधानसभा चुनाव में बिना अनुमति प्रचार कर चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन किया गया था।
न्यायालय में हाजिर न होने पर जारी हुआ वारंट
मुकदमे में हाजिर नहीं होने पर मंगलवार को एमपी-एमएलए कोर्ट के न्यायाधीश विश्वंभर प्रसाद ने विधायक के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर दिया। नौ जनवरी 2012 को वीडियो निगरानी टीम द्वारा कोठीभार थाने में तत्कालीन बसपा प्रत्याशी (अब भाजपा विधायक) प्रेम सागर पटेल के खिलाफ थाने में आदर्श चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन का मुकदमा दर्ज कराया था। विवेचना पूरी करने के बाद विवेचक ने विधायक के खिलाफ आरोप पत्र एमपी-एमएलए कोर्ट में पेश किया।
छह मार्च को होगी अगली सुनवाई
यहां न्यायाधीश विश्ववंभर प्रसाद की और से विधायक प्रेमसागर पटेल को कई बार सम्मन, जमानती वारंट भेजा गया, लेकिन विधायक कोर्ट में पेश नहीं हुए। मंगलवार को न्यायाधीश ने प्रेम सागर पटेल के खिलाफ गैर जामनती वारंट जारी कर दिया। मुकदमे की अगली सुनवाई छह मार्च को होगी।
प्रेम सागर पटेल का राजनीतिक सफर
वर्ष 2012 में बसपा से ही सिसवा विधानसभा का चुनाव लड़े और हार गए।
वर्ष 2014 में लोकसभा चुनाव से पहले बसपा को छोड़कर भाजपा में शामिल हुए।
वर्ष 2017 में भाजपा के टिकट पर सिसवा विधानसभा का चुनाव लड़े और विधायक बने ।